Tuesday, January 18, 2022
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Win ‘Cyber Cop Award’ by DSCI: पुलिसकर्मी इस अवार्ड के लिए अपने को नॉमिनेट करें

साइबर और डेटा सुरक्षा के क्षेत्र में लोगों और संगठनों के योगदान को सराहने और उन्हें सम्मानित करने के लिए भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (Data Security Council of India- DSCI) एक बार फिर अपना एक्सिलेंस अवॉर्ड लेकर आया है। भारत में डेटा संरक्षण पर प्रमुख उद्योग निकाय तीन क्षेत्रों में साइबर पेशेवरों को सम्मानित करेगा। ये श्रेणी कॉर्पोरेट (Corporate), कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) और उत्पाद (Products) हैं। इन तीनों के अंतर्गत कई श्रेणियां हैं।

सबसे चर्चित श्रेणियों में से एक कानून प्रवर्तन है, जिसके तीन व्यापक खंड हैं:

1 साइबर अपराध जांच में उत्कृष्टता के लिए इंडिया साइबर कॉप अवार्ड।
2 कानून प्रवर्तन एजेंसियों के क्षमता निर्माण में उत्कृष्टता।
3 अकादमिक द्वारा साइबर अपराध, साइबर कानून और डिजिटल फोरेंसिक में क्षमता निर्माण में उत्कृष्टता।

इन श्रेणियों के तहत, DSCI एक ऐसे अधिकारी को सम्मानित करता है, जिसने साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने में सबसे उत्कृष्ट जांच की है। वे कार्यबल विकास, जांच और फोरेंसिक क्षमता विकास, प्रशिक्षण और कार्यशालाओं आदि के माध्यम से कौशल निर्माण में किए गए प्रयासों के लिए एजेंसी को सम्मान देते हैं।

विजेता का चयन प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (Price Waterhouse Coopers – PWC) के सहयोग से प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा। DSCI की सम्मानित जूरी पैनल में केरल पुलिस के पूर्व डीजीपी लोकनाथ बेहरा, आईपीएस और कर्नाटक पुलिस के एडिशनल डीजीपी प्रताप रेड्डी, सुप्रीम कोर्ट के वकील वकुल शर्मा, और दूरसंचार सुरक्षा के उप महानिदेशक एसके भल्ला शामिल हैं। 15-17 दिसंबर 2021को होने वाले वर्चुअल DSCI-NASSCOM वार्षिक सूचना सुरक्षा शिखर सम्मेलन में विजेता और फाइनलिस्ट की घोषणा की जाएगी और उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

1: साइबर अपराध जांच में उत्कृष्टता के लिए इंडिया साइबर कॉप अवार्ड के लिए पात्रता मापदंड:

प्रत्येक राज्य पुलिस संगठन/जांच एजेंसी अधिकतम पांच मामले भेज सकती है। सेल्फ नॉमिनेशन भी स्वीकार किए जाते हैं। बशर्ते वे राज्य पुलिस/जांच एजेंसी के उचित चैनल के माध्यम से और भेजे गए हों। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य/एजेंसी से पांच से अधिक इंट्री प्राप्त नहीं हो।
प्रत्येक नॉमिनेशन के लिए केवल एक अधिकारी को नॉमिनेट करना होगा। इसका मतलब है कि एक राज्य/जांच एजेंसी पांच अलग-अलग मामलों के लिए केवल 5 अधिकारियों को नॉमिनेट कर सकती है।
शहर की पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और केंद्रीय जांच ब्यूरो आदि सहित देश में किसी भी राज्य पुलिस संगठन द्वारा की गई जांच पर विचार किया जाएगा।

2:कानून प्रवर्तन एजेंसियों के क्षमता निर्माण में उत्कृष्टता के लिए पात्रता मापदंड:

नॉमिनेशन केवल राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस (जैसे: कर्नाटक पुलिस, हरियाणा पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस आदि) या शहर आयुक्तालय (जैसे, पुणे पुलिस, कोलकाता पुलिस) या राज्य/केंद्र सरकार के तहत काम कर रही जांच/खुफिया एजेंसियों द्वारा भेजा जाना चाहिए (जैसे: सीबीआई, एनआईए, आयकर विभाग आदि)। राज्य/केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमियां भी ऐसा कर सकती हैं। जिन एजेंसियों ने पहले ही भाग लिया है और पुरस्कार जीता है, वे भी इस वर्ष भाग ले सकती हैं।

3: अकादमिक द्वारा साइबर अपराध, साइबर कानून और डिजिटल फोरेंसिक में क्षमता निर्माण में उत्कृष्टता के लिए पात्रता मापदंड:

भारत में स्थित कोई भी अकादमिक / विश्वविद्यालय / संस्थान / कॉलेज और साइबर अपराध, साइबर कानून और डिजिटल फोरेंसिक पर विशेष पाठ्यक्रम और कार्यक्रम आयोजित करने वाले संस्थान आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

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