सीएम की बेटी से ठगी का मामला: 3 साइबर क्रिमिनल अरेस्ट, The420 की खबर पर लगी मुहर, असम के नंबर का हुआ था इस्तेमाल

Delhi CM Daughter Harshita Cyber Crime : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की बेटी से साइबर फ्रॉड करने वाले 3 साइबर क्रिमिनल को दबोच लिया गया है। महज एक हफ्ते के भीतर ही दिल्ली पुलिस ने इस केस का खुलासा किया है। जानिए, The420.in की खबर पर कैसे लगी मुहर

Representative picture: Arvind Kejriwal and his daughter Harshita Kejriwal
Arvind Kejriwal and his daughter Harshita Kejriwal

नई दिल्ली : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की बेटी से साइबर ठगी करने वाले गैंग को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के खुलासे में ये सामने आया है कि साइबर ठगी करने वाला गैंग भरतपुर-मथुरा बॉर्डर का है और असम में खरीदे हुए सिमकार्ड का इस्तेमाल किया था। इस बारे में The420.in ने पहले दिन ही अपनी रिपोर्ट में ये जिक्र कर दिया था। ये बताया था कि जिस मोबाइल नंबर के जरिए ठगी की गई वो असम का नंबर है और ये गैंग मथुरा-भरतपुर और मेवात के बॉर्डर से ऑपरेट करने वाला है। आखिरकार अब इसकी पुष्टि दिल्ली पुलिस ने भी कर दी है।

The420.in ने सबसे पहले असम के नंबर से ठगी होने की दी थी जानकारी

The420.in ने अपनी खबर में पहले ही ये बता दिया था कि साइबर ठगी करने वाले गैंग ने असम के नंबर का इस्तेमाल किया था। इस खबर को शीर्षक – दिल्ली के CM की बेटी से ठगी मामला : OLX पर सोफे का ऐड डालने के कुछ घंटे बाद ही हुई ठगी, असम के नंबर से हुआ फ्रॉड, जानें पूरी डिटेल… से प्रकाशित किया गया था।

क्या था मामला : OLX पर सोफा बेचने के खरीदने के नाम पर ठगे थे 34 हजार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी हर्षिता ने 8 फरवरी को दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उन्होंने OLX पर सोफा और टेबल बेचने का विज्ञापन डाला था। इस विज्ञापन के कुछ देर बाद ही असम के एक नंबर से हर्षिता केजरीवाल के पास मैसेज आया था। उसने सोफा खरीदने पर सहमति जताई थी। इसके बाद आरोपी ने हर्षिता से कहा कि वो उसके अकाउंट में ऑनलाइन 2 रुपये पेमेंट करके चेक कर रहा है। दो रुपये मिलने पर हर्षिता ने पैसे मिलने की पुष्टि की तब वो आरोपी ने बार-कोड (QR Code) भेजा। उस कोड को स्कैन करते ही हर्षिता के खाते से 20 हजार रुपए निकल गए थे। इके बाद पैसे लौटाने के नाम पर साइबर क्रिमिनल ने एक लिंक भेजकर फिर से 14 हजार रुपये अकाउंट से निकाल लिए थे। इसके बाद मामला समझ आने पर सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

दिल्ली पुलिस की इस टीम ने ऐसे दबोचे साइबर क्रिमिनल, जानिए

साइबर क्रिमिनल के इस मामले को दिल्ली पुलिस ने गंभीरता से लेकर तुरंत जांच शुरू की। उत्तरी जिला डीसीपी अंटो अल्फोंस ने जिला साइबर सेल प्रमुख रोहित संड को मामले की जांच सौंपी। इनकी टीम हमेशा की तरह सफल भी रही। डीसीपी के निर्देशन में रोहित संड के साथ सब- इंस्पेक्टर कृष्ण, हवलदार महेश, और जिला साइबर सेल के सब-इंस्पेक्टर रोहित, सहायक उप-निरीक्षक राजीव, सिपाही प्रकाश और अनिल की टीम ने मिलकर इस केस का खुलासा किया। पुलिस ने डेटा और बैंक अकाउंट एनालिसिस के आधार पर राजस्थान के भरतपुर और यूपी के मथुरा बॉर्डर से पहले एक आरोपी कपिल कुमार को दबोच लिया।

इससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने असली बैंक अकाउंट होल्डर साजिद को भी गिरफ्तार कर लिया। साजिद को जब गिरफ्तार किया गया तब वो एक पुरानी कैब चला रहा था। इसे दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर से दबोचा गया। इनके अलावा जिन अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए थे उसे खुलवाने वाले मानवेंद्र नाम के शख्स को भी दबोच लिया गया। पुलिस को इस साइबर ठग गैंग के पास से 17 बैंक अकाउंट मिले हैं, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। मानवेंद्र गोवर्धन मथुरा का रहने वाला है। इन साइबर ठगों से जब्त सिम कार्ड आसाम के हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर गैंग के अन्य लोगों का भी पता लगा रही है।

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