Friday, May 27, 2022
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इन 2 गलतियों से होती है Facebook हैकिंग, UP के मुख्य सचिव का फर्जी प्रोफाइल बनाने वाले गैंग का बड़ा खुलासा

फेसबुक पर फर्जी आईडी (Facebook Fake profile gang) बनाकर या हैकिंग के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह ने यूपी के मुख्य सचिव का ही फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बना डाला। इसके बाद मुख्य सचिव (UP Chief Secretary Fake Facebook) की फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों को इमरजेंसी केस बताकर पैसे की डिमांड करने लगे। लेकिन इस गैंग को शायद अंदाजा नहीं था कि ये यूपी के प्रमुख सचिव हैं और इनकी फर्जी आईडी बनाना उन्हें महंगा पड़ सकता है। और गैंग ये काफी महंगा पड़ा भी। पिछले दो साल में सैकड़ों लोगों की फर्जी आईडी बनाकर ठगी कर चुका ये गिरोह कभी पकड़ में नहीं आया। लेकिन यूपी साइबर क्राइम पुलिस और एसटीएफ की ज्वाइंट टीम ने यूपी के मिनी जामताड़ा कहे जाने वाले मथुरा के एक गांव में जाकर साइबर क्रिमिनलों के गैंग को दबोच लिया। इस गैंग में दो शातिर क्रिमिनल और एक नाबालिग भी है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि ये किस तरह से फेसबुक आईडी हैक (Facebok Id Hacked) करते थे और किस तरह के लोग इनके निशाने पर होते थे।

टारगेट पर कौन – जिनका फेसबुक पब्लिक के लिए रहता है ओपन

Cyber Criminal सुखदीन खान (बाएं) और शराफत (दाएं)

फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल या आईडी हैक करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड शराफत उर्फ काला है। पुलिस ने शराफत, सुखदीन खान और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है। शराफत ने पुलिस को बताया कि इनके टारगेट पर ऐसे लोग होते थे जिनका फेसबुक अकाउंट पब्लिक के लिए ओपन रहता है। यानी जिनका फेसबुक प्रोफाइल लॉक नहीं होता है। इस तरह हम ये देख लेते हैं कि उस व्यक्ति का प्रोफाइल क्या है और उसकी फ्रेंडलिस्ट में किस तरह के लोग हैं। अगर उसकी फ्रेंडलिस्ट में हाईप्रोफाइल लोग हैं और पैसे देने में समर्थ हैं तो उन्हें टारगेट पर ले लेते थे। इसके बाद टारगेट पर आए फेसबुक प्रोफाइल की फोटो को कॉपी कर उसी फोटो के जरिए एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाते थे। और फिर उसी के फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों को नई फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देते थे। अगर कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेता था तब कभी इमरजेंसी में घायल होने या अस्पताल में भर्ती बताकर पैस मंगाते थे।

सितंबर में मुख्य सचिव का ऐसे बनाया था Fake Facebook Profile 

UP Chief Secretary RK Tiwari

साइबर क्रिमिनलों ने यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी के फेसबुक प्रोफाइल को सितंबर 2020 में टारगेट किया था। इसके बाद उनकी फोटो कॉपी कर फर्जी आईडी बनाकर उनके ही फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों से फेसबुक मैसेंजर पर पैसे मांगने लगे थे। इस बारे में जानकारी होने पर मुख्य सचिव कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर दिनेश गुप्ता ने लखनऊ के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने और एसटीएफ की टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान पता चला कि फर्जी आईडी को मथुरा के गोवर्धन थाना एरिया के गांव मडौरा और देवसेरस से बनाया गया था। इसके बाद पुलिस की टीम ने 23 अक्टूबर की रात में दबिश देकर गैंग का खुलासा किया।

क्या आपका भी FB आईडी और पासवर्ड दोनों समान ..या पासवर्ड 123456..तो नहीं

इस गैंग के सरगना शराफत ने बताया कि गांव के अलग-अलग 50 से ज्यादा गैंग है। सभी गैंग में 3 से 4 लोग हैं। जिनमें काफी नाबालिग भी हैं। पिछले तीन साल से ठगी करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड साबिर ने हमें ट्रेनिंग दी है। इस ट्रेनिंग में बताया था कि इंडिया में बहुत से लोग फेसबुक की आईडी और पासवर्ड एक समान ही रखते हैं। या फिर 123456…जैसे मिलते-जुलते पासवर्ड बनाते हैं। इसलिए नए युवा दिनभर फेसबुक पर लोगों की आईडी देखकर उससे मिलते-जुलते पासवर्ड या फिर 123456 डालकर ट्राई करते हैं। अगर पासवर्ड सटीक लग गया तब तो आसानी से उसे हैक कर लोगों से मदद के बहाने ठगी करते थे।

असम, उड़ीसा और साउथ इंडिया के फर्जी सिम का इस्तेमाल

ये गैंग बहुत ही शातिर तरीके से काम करता है। यूपी एसटीएफ के प्रभारी एसपी विशाल विक्रम ने बताया कि गैंग सदस्य मोबाइल सिमकार्ड को असम, उड़ीसा या साउथ इंडिया से फर्जी पते पर खरीदते थे। इसके लिए वहां के एक गैंग को एक सिमकार्ड के बदले 1 हजार रुपये देते थे। इसके अलावा किराये के PayTm, UPI, Phonepay और भी दूसरे ऐप का प्रयोग कर उसी में पैसे मंगाते थे। ठगी के पैसों में से 20 से 30 फीसदी हिस्सा उसे देते थे जिसका पेटीएम या बैंक अकाउंट किराये पर लेते थे।

यूपी का मिनी जामताड़ा बना मथुरा के ये गांव, रहें अलर्ट

यूपी के साइबर पुलिस के एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जिस एरिया से इस गैंग को पकड़ा गया वो प्रदेश का मिनी जामताड़ा बन चुका है। ये जगह है मथुरा के गोवर्धन थाना एरिया के कुछ गांव। मडौरा और देवसेरस समेत आसपास के कई गांव के युवक पास के जंगलों में जाकर दिन-रात फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करते हैं। इसके अलावा OLX, Amazon, Paytm समेत कई साइटों के फर्जी कस्टमर केयर सेंटर बनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। इन युवाओं को बकायदा ट्रेनिंग देकर ठगी कराई जा रही है। अगर कभी पुलिस टीम इन्हें पकड़ने आती है तो पूरा गांव ही एकजुट हो जाता है और कई बार पुलिस टीम पर पथराव तक कर देते हैं।

Cyber Crime Safety Tips

Facebook प्रोफाइल को ऐसे बनाएं Safe

  • फेसबुक प्रोफाइल की सेटिंग में जाकर पोस्ट को सिर्फ फ्रेंड्स के लिए ओपन करें
  • किसी भी कैटिगरी को Public या Everyone के ऑप्शन को बंद कर दें
  • अपनी फ्रेंडलिस्ट को पब्लिक के लिए ओपन ना रखें, इससे सेफ रहेंगे

मदद के लिए मैसेज आए तो क्या करें

  • साइबर क्रिमिनल फेसबुक मैसेंजर पर ही मैसेज करते हैं इसलिए तुरंत पैसे ना डालें
  • मैसेज आते ही एफबी प्रोफाइल वाले असली शख्स को पहले कॉल कर वेरिफाई करें
  • साइबर क्रिमिनल कई बार नंबर बंद होने और नए नंबर देने की बात करते हैं
  • इसलिए इससे भी अलर्ट रहें और पैसे नहीं भेजें, इसके बजाय सीधे कॉल करें
Sunil Maurya
Sunil Maurya
Deputy Editor. The420.in I am an Investigative Journalist. I Have Authored a Book on Aarushi-Hemraj murder mystery-कातिल जिंदा है, एक थी आरुषि. Earlier I was Producer in Zee News DNA Team, I Have Worked for several leading publications like Nav Bharat Times, Dainik Bhaskar, Dainik Jagran, Sahara

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