Thursday, January 20, 2022
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बच्चों को बॉलीवुड में काम दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, 100 से ज्यादा लोगों को लगा चुका है चुना

मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस ने बॉलीवुड और विज्ञापन में बच्चों को काम दिलवाने के बहाने 100 से अधिक लोगों को 2 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 47 वर्षीय अपूर्व अश्विन दौड़ा उर्फ डॉ ऋषि श्रॉफ नाम के शख्स को गिरफ्तार किया और उसके पास से 32.58 लाख रुपये बरामद किए हैं। पिछले चार सालों से वह कथित तौर पर लोगों को ठग रहा था।

साइबर पुलिस ने दौड़ा को बोरीवली निवासी महेश गुप्ता की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। उसने कथित तौर पर गुप्ता से 32.69 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। साइबर पुलिस ने उसके ठगी के तौर-तरीकों के बारे में बताते हुए कहा कि दौड़ा अपने सहयोगियों को मॉल भेजकर प्रतियोगिता, सर्वेक्षण आदि के बहाने संपन्न लोगों का डेटा एकत्र करता था। वह धोखाधड़ी से इंटरनेट साइटों से कार मालिकों, डॉक्टरों आदि का डेटा भी प्राप्त कर लेता था।

एक साइबर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तरह दौड़ा ने करीब 50 लाख लोगों का डेटा इकट्ठा किया। उसने फर्जी मॉडलिंग एजेंसियों की वेबसाइट भी बनाई था। वह लोगों को बल्क में एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश भेजता था कि हम टेलीविजन विज्ञापन के लिए कास्टिंग कर रहे हैं. अगर आप रूची रखते हैं तो नाम और जन्मतिथि व्हाट्सएप पर भेजें. हम बॉलीवुड फिल्म और एड के लिए कास्टिंग कर रहे हैं और अगर आपके बच्चे दो साल से चौदह साल के बीच के है तो उनकी तस्वीर और डेट ऑफ बर्थ भेजें।

दौड़ा ने कथित तौर पर गुप्ता को उसकी बेटी को फिल्म ‘बच्चों की दुनिया’ में मुख्य भूमिका देने के बहाने विभिन्न बैंक खातों में 32.69 लाख जमा कराए। जांच में पता चला है कि दौड़ा ने दक्षिण मुंबई के एक प्रमुख कॉलेज से ग्रेजुएट है और उसने अमेरिका के कोलोराडो में एक बिजनेस स्कूल में पढ़ाई की थी। उलने किशोर नमित कपूर के अभिनय स्कूल में पढ़ाई की और लगभग 10 वर्षों तक विज्ञापन जगत में काम किया। उसने कई लोकप्रिय एफएमसीजी ब्रांडों की विज्ञापन-फिल्मों में भी अभिनय किया।

पुलिस ने कहा कि दौड़ा एक फिल्म बनाना चाहता था और उसे ट्रेलर बनाने के लिए 25 लाख रुपये की जरूरत थी। इसलिए वह लोगों को फिल्म में रोल देने के बहाने ठगी करके पैसे की व्यवस्था करने का विचार किया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उसके लोकेशन का पता न चले, वह वर्चुअल नेटवर्क, कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड का उपयोग करता था। उसके पास से आठ आईफोन और एक स्मार्ट फोन बरामद किया गया है। उसके डिजिटल फुटप्रिंट को ट्रैक करने के बाद साइबर पुलिस ने उसे हाल ही में खालापुर से पकड़ा। उसके खिलाफ साकीनाका, अंबोली, ओशिवारा, दादर और एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशनों में केस दर्ज हैं।

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