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Cyber Crime: 12वीं का स्टूडेंट निकला वर्चुअल करेंसी ट्रेडिंग का मास्टरमांइड, पिता संग लोगों के डकारे करोड़ों रुपये, अब पुलिस को दे रहा चकमा

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Cyber Crime: 12वीं का स्टूडेंट निकला वर्चुअल करेंसी ट्रेडिंग का मास्टरमांइड, पिता संग लोगों के डकारे करोड़ों रुपये, अब पुलिस को दे रहा चकमा

दुनिया से लेकर भारत में भी वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग इन दिनों जोरो पर है। इसकी वजह इस करेंसी में घंटों के हिसाब से भारी उठा पटक होना है। साथ ही वर्चुअल करेंसी में लगने वाले पैसे को ट्रेस कर पाना भी आसान नहीं है। देश में वर्चुअल करेंसी में निवेश को लेकर लोगों में बढ़ते रुझान का एक बाप बेटे ने जमकर फायदा उठाया। जिन्हें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी बाप बेटे वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग करते थे। इसमें लोगों के करोड़ों रुपये निवेश कराकर उन्हें भारी भरकम रिटर्न का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लेते थे।

12वीं पास बेटा निकला मास्टरमांइड, पिता ने दिया साथ
दरअसल, वर्चुअल करेंसी में निवेश कराकर लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले बाप बेटे की पहचान उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित कल्याणपुर निवासी बृजेश श्रीवास्तव और उनके बेटे नवनीत उर्फ लकी के रूप में हुई है। लकी 12वीं का स्टूडेंट है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग का काम आरोपी बृजेश श्रीवास्तव का बेटा नवनीत ही देखता था। उसने यह सब यू ट्यूब व अन्य माध्यमों से सीखा था। वह इसका एक्सपर्ट होकर पिता के साथ मिलकर लोगों को वर्चुअल करेंसी में पैसे लगाने का झांसा देता था।

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दर्जनों लोगों से निवेश के नाम पर लिये करोड़ों रुपये
गुमटी निवासी अवनीश तोमर ने आज से छह माह पूर्व दिसंबर 2021 में कानुपर के फजलगंज थाने में मुकदम दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने दावा किया कि बृजेश श्रीवास्तव और उनके बेटे नवनीत ने उनसे वर्चुअल करेंसी में निवेश के नाम पर पिछले दो सालों में करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपये लिए थे। उसने इसके एवज में मोटा मुनाफा देने का वादा किया था। उसने कुछ दिनों तक मुनाफे के रूप में उन्हें 10 से 12 लाख रुपये दिये भी, लेकिन इसके बाद रुपया देना बंद कर दिया।

आरोप है कि इसी तरह बृजेश श्रीवास्तव ने बर्ना निवासी एक डॉक्टर से 16 लाख रुपये, दो अन्य लोगों से 45-45 लाख रुपये वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग के नाम पर लिये थे, लेकिन इसके बाद एक पैसा नहीं दिया। पीड़ितों ने पैसा न मिलने पर मामले की शिकायत पुलिस को दी। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी बाप बेटे ने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी बाप-बेटे
पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किये जाने के बाद से ही आरोपी बाप बेटे फरार चल रहे थे। पुलिस से लेकर निवेश के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोग उनकी तलाश कर रहे थे। इसबीच ही उन्हें पता चला कि बृजेश श्रीवास्तव और उनका बेटा नवनीत उज्जैन में हैं। पीड़ित उज्जैन पहुंचे और आरोपी नवनीत को दबोच लिया। इसका पता लगते ही पिता ने उज्जैन के चिमनगंज थाना पुलिस को बेटे के अपहरण की शिकायत दी। पुलिस ने टीम गठित कर नवनीत समेत उसे पकड़ने वाले लोगों को हिरासत में ले लिया। यहां पुलिस जांच में पता चला कि नवनीत कानपुर से मुकदमें में वांछित चल रहा है। जिसके बाद उज्जैन पुलिस ने उसे कानपुर पुलिस को सौंप दिया।

पुलिस को ऐसे गुमराह कर शातिर नवनीत
बताया जा रहा है कि महीनों बाद पुलिस की गिरफ्त में आया नवनीत इस पूरे धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है। उसी ने वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग की एबीसीडी सिखी। इसके बाद पिता के साथ मिलकर लोगों को झांसे में लिया। वहीं पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भी आरोपी नवनीत जुबान नहीं खोल रहा है। वह ट्रेडिंग अकाउंट कब, कैसे और कहां खुलवाया। इसके साथ ही पासवर्ड से लेकर अन्य जानकारियों को देने में असमर्थता जताते हुए भूलने का नाटक कर रहा है।

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