Tuesday, August 16, 2022
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Cyber Criminals ने अहमदाबाद मुंसिपल कॉरपोरेशन को लगाया 2.39 करोड़ का चूना, जांच में जुटी साइबर क्राइम टीम

इन दिनों सड़कों पर होने वाले अपराधों में कुछ गिरावट आई है। वहीं साइबर क्राइम के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। हाल ही में एक नया मामला अहमदाबाद नगर निगम से सामने आया है। जहां साइबर क्रमिनल्स (Cyber Criminals) ने अहमदाबाद नगर निगम से 2.39 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। इसका पता लगते ही विभागीय जांच बिठाई गई। इसमें पता चला कि यह रुपया अवैध तरीके से दो आईपी अलग अलग जगहों से किये गये हैं। इनमें से एक खोखरा नागरिक केंद्र का है। वहीं इसमें एएमसी कर्मचारियों की भूमिका भी जांची जा रही है। 

मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस (Cyber Crime Police) के पहुंची है। टीम ने जांच शुरू कर दी है। वहीं अधिकारियों का कहा कि संभावना है कि एक कर दाता ने छूट पाने के लिए एजेंटों के माध्यम से पैसे का भुगतान किया हो, और एजेंटों ने आरोपी की मिलीभगत से दो एएमसी कर्मचारियों (Amc Employees) की आईडी से लॉगइन कर अवैध ट्रांजेक्शन को अंजाम दिया।

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सोमवार को नगर निकाय ने 2.39 करोड़ रुपये के कर गबन को लेकर साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

वहीं (AMC) की राजस्व समिति ने पाया कि मार्च और अप्रैल में 293 करदाताओं ने द्वारा करीब 2.39 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान किया गया था, लेकिन यह रुपया नागरिक निकाय के खाते में जमा नहीं किया गया था। इससे पहले राजस्व समिति ने इस मामले की विजिलेंस जांच की मांग की थी।

एएमसी के एक सूत्र ने कहा, “हमने पाया कि 293 करदाताओं ने 20 नागरिक केंद्रों पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके टैक्स का भुगतान किया था।” यह पैसा एक दिन के भीतर नगर निकाय के खाते में आ जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

साइबर क्राइम (Cyber Crime) पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि ये सभी लेन-देन रात 10 बजे और 11 बजे के करीब कर्मचारियों हिना ठक्कर और उषा पटेल की आईडी से हुए, जो उस समय छुट्टी पर थे।

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वहीं कर्मचारी ‘पटेल के खाते से 281 और ठक्कर की आईडी से 12 लेन-देन हुए। प्रथम जांच में कहा गया है कि “एक आईपी पता खोखरा नागरिक केंद्र के कंप्यूटर का था और दूसरा एक सार्वजनिक आईपी पता था”।

अब पुलिस करदाताओं से पूछताछ करेगी। साइबर क्राइम पुलिस के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों कर्मचारियों को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है कि उनकी आईडी का इस्तेमाल कैसे किया गया। इस से संबंधित जांच भी की जा रही है।

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