Friday, October 22, 2021
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कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर धोखाधड़ी, कॉल और व्हाट्सएप पर दिया जा रहा पैसे जीतने का लालच, रहें सावधान

कौन बनेगा करोड़पति एक लोकप्रिय रियलिटी क्विज शो है, जिसमें अगर आपकों भाग लेने का मौका मिले तो आप बड़ी रकम जीत सकते हैं। बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन इस शो को होस्ट करते हैं। अब शो की लोकप्रियता का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को चूना लगा रहे हैं। ऐसे में हमें इसे लेकर काफी सावधान रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही और आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं केबीसी के नाम ठगी कैसे हो रही है।

साइबर ठग लोगों को कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप पर लॉटरी,लक्की ड्रा या लॉटरी नंबर भेजकर लुभाने की कोशिश होती। जागरूक लोग ऐसे मैसेज को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई लोग इस जाल में फंस भी जाते हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक केबीसी के नाम फ्रॉड कोई नई बात नहीं है और यह हर साल शो के ऑन एयर होने के दौरान होता है। हैरानी की बात यह है कि ठगी का यह तरीका नया नहीं है, पर जानकारी के अभाव में लोग ठगे जा रहे हैं।

केबीसी टीम से होने का नाटक
जालसाज अक्सर केबीसी टीम से होने का नाटक करके पीड़ित की प्रशंसा करते हैं। उन्हें क्विज में भाग लेकर जीते गए नकद पुरस्कारों के बारे में बताते हैं। लोग अक्सर केबीसी में भाग लेने की बात से इन्कार करते हैं। इसके बाद धोखेबाज कहते हैं कि आपने न सही आपके परिवार के किसी सदस्य ने किया हो। हैरानी की बात है कि बहुत से लोग उन पर विश्वास कर लेते हैं। जालसाज आसान सवाल पूछ सकते हैं या दावा कर सकते हैं कि पीड़ित का मोबाइल फोन नंबर लकी लॉटरी में चुना गया है।

प्रोसेसिंग फ्री की मांग
ठगी का असली खेल अब शुरू होता है। ठग लोगों से प्रोसेसिंग फ्री की मांग करते हैं। तब पीड़ित को केबीसी कर्मचारियों को 25 से 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि ट्रांसफर करने के लिए टैक्स या प्रोसेसिंग फी के नाम पर 8,000 रुपये से 10,000 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा जाता है। इसे आमतौर पर बैंक ड्राफ्ट से भुगतान करने को कहा जाता है।

प्रोसेसिंग चार्ज कम होने के कारण लोग फंसते है जाल में
प्राइज मनी की तुलना में प्रोसेसिंग चार्ज कम होने के कारण लोग इसके चक्कर में पड़ जाते हैं। पुरस्कार राशि लगभग 25 लाख रुपये या उससे भी अधिक की होती है। इसकी तुलना में 10,000 रुपये की राशि काफी कम लगती है। यही कारण है कि लोग इसका भुगतान कर देते हैं।

बैंक खाते की जानकारी मांगते हैं
कुछ स्थितियों में, स्कैमर्स प्रोसेसिंग चार्ज नहीं मांग सकते हैं। इसके बजाय वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर करने की आड़ में पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी मांगते हैं। होता क्या है कि पीड़ित व्यक्तिगत ऑनलाइन बैंकिंग जानकारी दे देता है, जिसे बाद में उसे लूटने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

व्हाट्सएप पर संपर्क करने की कोशिश
वॉयस कॉल का जवाब नहीं देने पर जालसाज लोगों से व्हाट्सएप पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं। धोखेबाज पीड़ितों को लॉटरी घोटालों में फंसाने के लिए व्हाट्सएप ऑडियो का तेजी से उपयोग कर रहे हैं। वॉयस रिकॉर्डिंग का दावा किया जाता है कि आपने व्हाट्सएप की ओर से 25 लाख रुपये का लॉटरी टिकट जीता है। पुरस्कार राशि जीतने के लिए पीड़ित को मुंबई में एसबीआई की शाखा से संपर्क करना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि जालसाज व्हाट्सएप के जरिए फर्जी शाखा प्रबंधक से संवाद करने पर जोर देता है।

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