Friday, August 12, 2022
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क्या आपको भी लगता है Digital Banking से डर? ऑनलाइन ठगी से इन बातों का ध्यान रखकर बच सकते हैं

डिजिटलाइजेशन (Digitalisation) के इस नए युग में क्या आप ऑनलाइन बैंकिंग (Online Bnaking) से डरते हैं?अगर ऐसा है तो चिंता न करें। आप अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं। कोरोना काल (COVID ERA) में डिजिटल ट्रांजेक्शन (Digital Transaction) बढ़ा है, फिर भी बहुत से लोग धोखाधड़ी से डर के कारण इसे इस्तेमाल से डरते हैं। देखा जाए तो डरना सही भी है। साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के बढ़ते मामले इसका कारण हैं। हालांकि, ऐसे धोखाधड़ी से बचने का तरीका है। आइए जानते हैं कैसे आप डिजिटल ट्रांजेक्शन (Digital Transaction) के समय ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) से बच सकते हैं।

केवल वैरिफाइड ऐप्स का उपयोग करें
मोबाइल एप्लिकेशन (Mobile applications) डिजिटल ट्रांजेक्शन ((Digital Transaction)) में लोगों का काम आसान बना देते हैं। ध्यान रखें कि आप वैरिफाइड ऐप (Verified APP) का उपयोग कर रहे हैं। केवल प्ले स्टोर जैसे Google Play Store, Apple App Store या Windows App Store से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें।

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केवल सुरक्षित और अधिकृत वेबसाइट ब्राउज़ करें
एक वेबसाइट पर आपको ऑनलाइन भुगतान करने से तबतक बचना चाहिए जब तक कि आप सुनिश्चित न हों कि यह फेक नहीं है। वेबसाइट डोमेन नेम पर ध्यान दें, जो यूआरएल में असल डोमेन नेम जैसे ही दिखता है। केवल उन्हीं वेबसाइट्स को ब्राउज़ करें जिनमें URL में “www” और डोमेन नाम से पहले “https: //” होता है।

सुरक्षित कनेक्शन का उपयोग करें
असुरक्षित पब्लिक कनेक्शन का उपयोग करना भी एक समस्या का कारण बन सकता है। साइबर ठग इसे आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। वे आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और आपके फोन को हैक कर सकते हैं। इसलिए यदि आप ऑनलाइन पेमेंट करने जा रहे हैं, तो इसे सुरक्षित प्राइवेट इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करके करना सुनिश्चित करें।

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कार्ड का प्रयोग करते समय रहें सावधान
हमेशा अपनी आंखों के सामने कार्ड से भुगतान करें और जांच करें कि कार्ड रीडिंग पीओएस मशीन असली है या नहीं। स्किमर्स कई बार कार्ड क्लोन कर लेते हैं। यदि आपका कार्ड गुम हो जाता है, तो आपको तुरंत बैंक को सूचित करना और इसे ब्लॉक कराना चाहिए। क्योंकि कार्ड को समय पर ब्लॉक करने से वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है।

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अपने कंप्यूटर को ‘रिमोट एक्सेस’ न दें
अगर आपने अपने कंप्यूटर को ठीक करने के लिए किसी टेकनीशियन से संपर्क नहीं किया है, तो किसी अन्य व्यक्ति को रिमोट एक्सेस देने से बचें। स्कैमर आपको निशाना बना सकते हैं। इस प्रकार के धोखेबाज आपके सॉफ़्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम या एंटी-वायरस को अपडेट करने जैसे कारणों का हवाला देते हैं और आपकी व्यक्तिगत जानकारी ले लेते हैं। बाद में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करके आपके खाते से पैसा निकाल लेते हैं।

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अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें
कभी अपने व्यक्तिगत और बैंक से संबंधित विवरण ऑफलाइन या ऑनलाइन शेयर न करें। बैंक विवरण मांगने वाले व्यक्ति की पहचान हमेशा सत्यापित करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी को कभी भी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर साझा न करें।

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